शिबू सोरेन को राज्य पिता का दर्जा देने की मांग तेज,झामुमो नेता ने मुख्यमंत्री को सौंपा पत्र

शिबू सोरेन को राज्य पिता का दर्जा देने की मांग तेज,झामुमो नेता ने मुख्यमंत्री को सौंपा पत्र
Views: 321
0 0
Read Time:3 Minute, 21 Second
शिबू सोरेन को राज्य पिता का दर्जा देने की मांग तेज,झामुमो नेता ने मुख्यमंत्री को सौंपा पत्र

राँची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता मनोज पांडेय ने मंगलवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड आंदोलन के महानायक और दिवंगत नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को राज्य पिता का दर्जा देने की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने बताया कि आज विधानसभा सत्र के दौरान उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने इस संबंध में एक पत्र सौंपा है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि जिस प्रकार महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता का दर्जा दिया गया है, उसी प्रकार झारखंड के निर्माण और अस्मिता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले शिबू सोरेन को “राज्य पिता” का दर्जा मिलना चाहिए। पांडेय ने कहा कि शिबू सोरेन ने झारखंड के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। चाहे वह अलग राज्य की लड़ाई हो या आदिवासी-स्थानीय समाज के अधिकारों की लड़ाई, उन्होंने हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष किया।

उन्होंने यह भी मांग रखी कि शिबू सोरेन की तस्वीर राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में लगाई जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान और बलिदान को याद रख सकें। उनका कहना था कि यह कदम झारखंड की अस्मिता और पहचान को सशक्त करेगा और राज्यवासियों के लिए गौरव का विषय बनेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांडेय ने कहा कि झारखंड आंदोलन का इतिहास शिबू सोरेन के नाम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सामाजिक अन्याय, शोषण और प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय अधिकार की लड़ाई लड़ी। उनकी संघर्षगाथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे में राज्य सरकार को पहल करते हुए उन्हें “राज्य पिता” का दर्जा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाती है तो यह पूरे झारखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा। इससे न केवल झामुमो कार्यकर्ताओं को बल्कि राज्य के हर नागरिक को गौरव की अनुभूति होगी।

गौरतलब है कि शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रख्यात नेता रहे। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने और लंबे समय तक सांसद रहे। उन्हें “दिशोम गुरु” यानी “आदिवासियों का गुरु” कहा जाता है। उनका राजनीतिक और सामाजिक जीवन संघर्ष और जनसेवा के लिए जाना जाता है।

Loading

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

About The Author

Related posts

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Comment